Sai Kasht Nivaran Mantra साई कष्ट निवारण मंत्र

Comments · 765 Views

Sai Kasht Nivaran Mantra साई कष्ट निवारण मंत्र is a powerful Sai baba mantra.

Sai Kasht Nivaran Mantra

कष्टों की काली छाया दुखदाई है
जीवन मे घोर उदासी लाई है
संकट को टालो साई दुहाई है
तेरे सिवा न कोई सहाई है
मेरे मन तेरी मूरत समाई है
हर पल हर क्षण महिमा गाई है
घर मेरे कष्टों की आँधी आई है
आपने क्यू मेरी सुध भुलाई है
तुम भोले नाथ हो दया निधान हो
तुम हनुमान हो महा बलवान हो
तुम्ही हो राम और तुम्ही श्याम हो
सारे जगत में तुम सबसे महान हो
तुम्ही महाकाली तुम्ही माँ शारदे
करता हूँ प्रार्थना भव से तार दे
तुम्ही मुहम्मद हो गरीब नवाज हो
नानक की वाणी में ईसा के साथ हो
तुम्ही दिगम्बर तुम्ही कबीर हो
हो बुद्ध तुम्ही और महावीर हो
सारे जगत का तुम्ही आधार हो
निराकार भी और साकार हो
करता हूँ वंदना प्रेम विश्वास से
सुनो साई अल्लाह के वास्ते
अधरों पे मेरे नहीं मुस्कान है
घर मेरा बनने लगा श्मशान है
रहम नजर करो उजड़े वीरान पे
ज़िन्दगी संवरेगी एक वरदान से
पापों की धूप से तन लगा हारने
आपका ये दास लगा पुकारने
आपने सदा ही लाज बचाई है
देर ना हो जाये मन शंकाई है
धीरे-धीरे धीरज ही खोता है
मन में बसा विश्वास ही रोता है
मेरी कल्पना साकार कर दो
सूनी ज़िन्दगी में रंग भर दो
ढोते-ढोते पापों का भार ज़िन्दगी से
मैं गया हार ज़िन्दगी से
नाथ अवगुण अब तो बिसारो
कष्टों की लहर से आके उबारो
करता हूँ पाप मैं पापों की खान हूँ
ज्ञानी तुम ज्ञानेश्वर मैं अज्ञान हूँ
करता हूँ पग पग पर पापों की भूल मैं
तार दो जीवन ये चरणों की धूल से
तुमने उजाड़ा हुआ घर बसाया
पानी से दिपक भी तुमने जलाया
तुमने ही शिरडी को धाम बनाया
छोटे से गाँव में स्वर्ग सजाया
कष्ट पाप श्राप उतारो
प्रेम दया दृष्टि से निहारो
आपका दास हूँ ऐसे ना टालिये
गिरने लगा हूँ साई सम्भालिये
साई जी बालक मैं अनाथ हूँ
तेरे भरोसे रहता दिन रात हूँ
जैसा भी हूँ, हूँ तो आपका
कीजै निवारण मेरे संताप का
तू है सवेरा और मैं रात हूँ
मेल नहीं कोई फिर भी साथ हूँ
साई मुझसे मुख ना मोड़ो
बीच मझधार अकेला ना छोड़ो
आपके चरणों में बसे प्राण हैं
तेरे चरण मेरे गुरु समान है
आपकी राहों पे चलता दास है
ख़ुशी नहीं कोई जीवन उदास है
आँसू की धारा है डूबता किनारा
ज़िन्दगी में दर्द, नहीं गुजारा
लगाया चमन तो फूल खिलाओ
फूल खिले हैं तो खुशबू भी लाओ
कर दो इशारा तो बात बन जाये
जो किस्मत में नहीं वो मिल जाये
बिता जमाना ये गाके फसाना
सरहदे ज़िन्दगी मौत तराना
देर तो हो गई है अंधेर ना हो
फिक्र मिले लेकिन फरेब न हो
देके टालो या दामन बचालो
हिलने लगी रहनुमाई सम्भालो
तेरे दर पे अल्लाह की शान है
सूफ़ी संतों का ये बयान है
गरीबों की झोली में भर दो खज़ाना
ज़माने के वाली करो ना बहाना
दर के भिखारी हैं मोहताज हैं हम
शहंशाहे आलम करो कुछ करम
तेरे ख़ज़ाने में अल्ला की रहमत
तुम सद्गुरु साई हो समरथ
आये हो धरती पे देने सहारा
करने लगे क्यूँ हमसे किनारा
जब तक ये ब्राह्मण रहेगा
साई तेरा नाम रहेगा
चाँद सितारे तुम्हें पुकारेंगे
जन्मोजन्म हम रास्ता निहारेंगे
आत्मा बदलेगी चोले हज़ार
हम मिलते रहेंगे हर बार
आपके क़दमों में बैठे रहेंगे
दुखड़े दिल के कहते रहेंगे
आपकी मरजी है दो या ना दो
हम तो कहेंगे दामन ही भर दो
तुम हो दाता हम है भिखारी
सुनते नहीं क्यूँ अरज हमारी
अच्छा चलो एक बात बता दो
क्या नहीं तुम्हारे पास बता दो
जो नही देना है इनकार कर दो
ख़त्म ये आपस की तकरार कर दो
लौट के खाली चला जाऊँगा
फिर भी गुण तेरे गाऊँगा
जब तक काया है तब तक माया है
इसी मे दुःखो का मूल समाया है
सब कुछ जान के अनजान हूँ मैं
अल्ला की तू शान तेरी हूँ शान मै
तेरा करम सदा सब पे रहेगा
ये चक् युग युग चलता रहेगा
जो प्राणी गायेंगा साई तेरो नाम
उसको मिले मुक्ति पहुँचे परम धाम
ये मंत्र जो प्राणी नित दिन गऐंगे राहू केतू शनि निकट ना आऐंगे
टल जायेंगे संकट सारे
घर में वास करें सुख सारे
जो श्रद्धा से करेगा पठन
उस पर देव सभी हो प्रसन्न
रोग समूल नष्ट हो जायेंगे
कष्ट निवरण मंत्र जो गाएँगे
चिंता हरेगा निवारण जाप
पल मे दूर हो सब पाप
जो ये पुस्तक नित दिन बाँचे
लक्ष्मी जी घर उसके सदा विराजे
ज्ञान बुद्धि प्राणी वे पायेगा
कष्ट निवारण मंत्र जो ध्यायेगा
ये मंत्र भक्तों कमाल करेगा
आई जो अनहोनी तो टाल देगा
भूत प्रेत भी रहेंगे दूर
इस मंत्र मे साई शक्ति भरपूर
जपते रहे जो मंत्र अगर
जादू टोना भी हो बेअसर
इस मंत्र में सब गुण समाए
ना हो भरोसा तो आजमाये
ये मंत्र साई वचन ही जानो
स्वयं अमल कर सत्य पहचानो
संशय ना लाना विश्वास जगाना
ये मंत्र सुखों का है खज़ाना
इस पुस्तक में साई का वास
साई दया से ही लिख पाया दास।

Comments